*पंद्रहवां-रोजा कस्बे में मुस्लिम परंपरा के हिसाब से अवतार किया*

*कुदरकोट,औरैया।* कस्बा कुदरकोट मे अफसाने रंगरेज़ ने अपने बच्चों आसिफ व आरिफ का कराया रोजा इफ्तार बड़ी ही धूम से मुस्लिम परम्परा के हिसाब से रोजा इफ्तार करवाया। वहीं रोजा रखने में बहुत से नियमों का पालन करना होता है। जिसमें पांच वक्त की नमाज अदा करने का विशेष महत्व होता है। .रोजा रखने वाले हर दिन बिना कुछ खाए पिए अल्लाह की इबादत करते हैं और सुबह सहरी और शाम को इफ्तार करते हैं। भारत में रमजान का पवित्र महीना रविवार 2 मार्च से शुरू हुआ है। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए रमजान एक बहुत ही पाक महीना होता है, जिसमें पूरे माह रोजा रखा जाता है और खुदा की इबादत रखते हुए पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है। आपको बता दें इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार यह नौवां महीना होता है। रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह के द्वारा बताए गए रास्ते पर चलने और गरीबों की सेवा करने की प्रथा होती है। दरअसल, इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार नौवें महीने में मोहम्मद साहब को पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान हासिल हुआ था और तभी से मुस्लिम धर्म में आस्था रखने वाले लोग रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह की इबादत करते हुए 30 दिनों का रोजा रखते हैं और आखिरी में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाकर एक दूसरे को बधाईयां देते हैं।

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