*मीडिया अधिकार मंच का होली मिलन सम्मान समारोह संपन्न*

*-जिले के पत्रकारों को किया गया सम्मानित*

दिबियापुर। औरैया

आज दिबियापुर नगर के नारायणी मण्डपम में आयोजित मीडिया अधिकार मंच द्वारा कवि सम्मेलन के साथ पत्रकारों का सम्मान किया गया। होली मिलन के इस अवसर पर कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। इस सम्मेलन में कवयित्री रश्मि ने एक महत्वपूर्ण विषय पर कविता प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बेटियों को मर्यादा में रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस कविता के माध्यम से रश्मि ने समाज में बेटियों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। कवि सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और श्रोताओं ने कवियों की कविताओं का आनंद लिया।
कवि उमेश द्विवेदी ने चुटकुले सुना कर सभी को हंसाया । जो नौनि हालों का मिड डे मील अकेले हजम कर जाते हैं,भ्रष्टाचार के विरुद्ध राघवेंद्र रावण से लड़ जाते हैं।
और सीतापुर का सेवक सीता खोज में खुद ही जूझ जाते हैं। कवि निर्मल पांडे ने पन्नाधाय का इतिहास सुन कर लोगों के अंदर त्याग की भावना का संचार किया वहीं पन्नाधाय के इतिहास से चित्तौड़ किला और मेवाड़ का गौरव बताया। कवि सम्मेलन में लोगों को ताली बजाने पर मजबूर होना पड़ा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा ने होली के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। यह एक सुंदर और उल्लास भरा त्योहार है, जो प्यार, खुशी, और रंगों का प्रतीक है। होली के इस अवसर पर, राघव मिश्रा ने सभी को शुभकामनाएं देकर उनके जीवन में खुशियों और रंगों की भरपूरी की कामना की है। आपको भी होली की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं! यह त्योहार प्यार, खुशी, और रंगों का प्रतीक है, और मैं आशा करता हूं कि आपके जीवन में भी इस त्योहार की खुशियां और रंग भर जाएं।
इस कार्यक्रम में पत्रकारों के हितों और चिंताओं पर चर्चा करना बहुत महत्वपूर्ण विषय को इंगित करता है।पत्रकार समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उनके हितों की रक्षा करना आवश्यक है। जबकि कुछ लोग पत्रकार को दलाल चाटुकार तथा अन्य शब्दों से संबोधित करते हैं लेकिन पत्रकार अपनी कलम से निष्पक्ष लिखने की कोशिश करता है वही पत्रकारों को लोग उचित सम्मान देना भी नहीं चाहते केवल अपनी खबर प्रकाशित करबाने के लिए तत्पर रहते हैं उसके मन की खबर नहीं लिखी तो वह उसका विरोध शुरू कर देता है कभी-कभी विरोध इतना बढ़ जाता है कि पत्रकारों को जान के लाले पड़ जाते हैं।

इस चर्चा में पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों, उनके अधिकारों, और उनकी सुरक्षा के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।
जबकि हकीकत यह है आजकल के पत्रकारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहाँ कुछ मुख्य परेशानियाँ हैं जिनका सामना पत्रकारों को करना पड़ता है। पत्रकारों को अक्सर खतरनाक स्थितियों में काम करना पड़ता है, जैसे कि युद्ध क्षेत्रों में या अपराधियों के बीच रिपोर्टिंग करना बहुत ही कठिन काम होता है जनता को केवल उंगली उठाने में मजा आता है।
पत्रकारों पर अक्सर सरकारों या शक्तिशाली लोगों द्वारा दबाव डाला जाता है कि वे कुछ विशिष्ट मुद्दों पर रिपोर्ट न करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ गलत तरीका अपनाया जाता है शासन को इस पर भी विचार करना चाहिए।
आजकल के पत्रकारों की पत्रकारिता में एक वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है, और कई पत्रकारों को कम वेतन और अस्थिर नौकरियों का सामना करना पड़ता है।
सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के तरीके को बदल दिया है, लेकिन यह भी कई चुनौतियाँ पेश करता है, जैसे कि झूठी खबरों का प्रसार और ऑनलाइन उत्पीड़न किया जाता है।आजकल मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ में पत्रकारों को अक्सर दर्दनाक और तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस मंच के माध्यम से सभी को साथ मिलाकर चलने की अपील की गई। आज इस कार्यक्रम समारोह में डॉक्टर अभिनंदन त्रिपाठी नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा विवेक मिश्रा सत्येंद्र सिंह अनिल राजपूत, सुशील कुमार दुबे जितेंद्र यादव, सत्य प्रकाश बाजपेई सतीश पांडे,विकास बाबू,एस के यादव, राहुल गुप्ता, निर्मल बाबू, नितिन बाबू आदि मौजूद रहे।

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