*अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने बिखेरे जलवे-रात भर डटे रहे श्रोता*

नगर में फफूंद महोत्सव प्रदर्शनी का कार्यक्रम चल रहा है।मंगलवार रात प्रदर्शनी के पंडाल मे आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित और फीता काटकर किया।कवि सम्मेलन का आगाज करते हुए कोच से पधारी कवयित्री ऋतु चतुर्वेदी ने कहा,,,, इक नजर में तेरी बावरी हो गई,रंग में रंगी तो सांवरी हो गई।। लखनऊ से पधारे कवि मनीष मगन ने कहा,,उस प्रेम की बांसुरी को मत बेचना,मन बुलाता तुम्हे पास आ जाइए सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।। दिल्ली से पधारे कवि सुनहरी लाल तुरंत ने कहा,,हम उसे इश्क की अपनी सुबह शाम मिलते थे,छत पर लेट कर आसमान में उसका नाम लिखते थे।।
लखनऊ से पधारे कवि रामकिशोर त्रिपाठी ने कहा।। लखनऊ की कवियत्री वंदना विशेष ने,,सारी दुनिया खुशियों से भर जाएगी,रिश्तों में बस प्यार बनाए रखना।। सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। इटावा से आए कवि डाक्टर राजीव राज ने,,हरकते देख कर हैरान बहुत है बचपन,किस तरह घर के बड़े शहर जलाने निकले है।। सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। कवि मनीष मगन लखनऊ ने,कृष्ण से राधिका को मिलाती है जो,उस प्रेम की बांसुरी को मत बेचना।मन बुलाता तुम्हे पास आ जाइए।। सुनाकर वाह- वाही लूटी। कवि जय कुमार सारस्वत भिंड ने ,,बुझ गई लालटेन राजनीति में कोई बाप न भैया रे।।सुनाकर कविता प्रेमियों से खूब तालिया बटोरीं। लखनऊ से पधारे प्रसिद्ध कवि प्रख्यात मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा,,सुना गया है 100 करोड़ की राशि मिली है दिल्ली से,,लेकिन वादे करने वाले सत्ता नहीं चला पाए सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इसके अलावा कवि बलराम श्रीवास्तव मैनपुरी,सतीश मधुप घिरोर,सुनील त्रिपाठी भिंड, सुनहरी लाल दिल्ली आदि कवियों ने भी अपनी कविताएं पेश करके श्रोताओं की वाहवाही लूटी। कार्यक्रम सुबह भोर तक चलता था।फफूंद चैयरमैन मोहम्मद अनवर और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दिबियापुर चैयरमैन राघव मिश्रा, अछल्दा चैयरमैन अरुण कुमार दुबे, अटसू चैयरमैन के पति पूर्व चैयरमैन स्वदेश पोरवाल, अजीतमल चैयरमैन के पति अखिलेश कुमार चक फफूंद के पूर्व चैयरमैन अनिल अग्निहोत्री उर्फ कुक्कू भैया ने शाल ओढ़ाकर और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। सभासद ओमबाबू तिवारी, गौरव वर्मा, मैनेजर मंगेश खान,अन्नू अग्निहोत्री, कृपा शंकर शुक्ला,मास्टर एहसान अली,सलीम खान मेव, बेचेलाल कोरी आदि रहें।