*श्रीमद् शिव महापुराण की कथा सुनने से मिलता है सुख और समृद्धि आचार्य-प्रदीप मिश्र जी महाराज*

*पक्के तालाब के पास स्थित कथा पण्डाल मे भक्तो ने सुनी शिव की महिमा*

*फफूँद,औरैया।* फफूंद कोठीपुर मार्ग पर स्थित पार्क में बने कथा पण्डाल मे चल रही श्रीमद् शिव महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान भोले नाथ की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान शंकर ही एक ऐसे देवता हैं जो भक्त के एक लोटा जल चढ़ाने मात्र से प्रसन्न होकर उनके कष्टों को दूर कर देते हैं।
कथा पण्डाल में शिव पुराण में आचार्य प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने भगवान महादेव की महिमा का बखान करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस पावन पर्व पर भगवान शिव की श्रद्धा भाव से पूजा करने से भगवान शंकर अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते है। उनके भक्तों पर आए कष्टो को भोले बाबा एक लोटा जल चढ़ाने पर मुक्त कर देते हैं। शिवरात्रि के पावन अवसर पर आप सबको शिव महापुराण सुनने का अवसर भगवान भोले नाथ की कृपा के ही कारण संभव हुआ है। भगवान भोले की कृपा के कारण भक्त शिव की कथा श्रवण कर रहे हैं। शिवरात्रि की पावन पर्व पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अवसर है। इसीलिए सभी धार्मिक श्रद्धा भाव से मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को एक लोटा जल के साथ बेलपत्र, शकर, धतूरा, दूध, इलाइची, चावल, गाय का घी केसर शहद दही इत्र आवला काला तिल चढ़ावे से सारे पाप क्षण भर में नष्ट हो जाते हैं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पूजा से भक्ति और मुक्ति मिलती है। भगवान की भक्ति और मुक्ति का यही सबसे सरल माध्यम है। .कथा के दौरान प्रदीप जी मिश्रा ने कहा भगवान शिव की पूजा किस प्रकार करने और भगवान शिव को क्या-क्या चढ़ाने से क्या-क्या लाभ होता है। उसके बारे में विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि वेलपत्र चढ़ाने से संकटो से मुक्ति मिलती है। शक्कर चढ़ाने से सुख और सौभाग्य मिलता है। धतूरा चढ़ाने से संतान का सुख मिलता है, दूध चढ़ाने से मानसिक शान्ति मिलती है। इलायची चढ़ाने पर दरिदता दूर होती है। चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है। गाय का घी चढ़ाने पर बल और तेज मिलता है। केसर चढ़ाने पर दापत्य जीवन में प्रेम रहता है। शहद चढ़ाने पर सुन्दरता और आकर्षण होता है। दही चढ़ाने पर खुशी और आनन्द मिलता है। इत्र चढ़ाने पर रोगों से मुक्ति और धर्मलाभ होता है। आंवला चढ़ाने पर धन और लम्बी आयु होती है। काला तिल चढ़ाने पर विजय और पितरों की कृपा होती है। कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान शिव को प्रसन्न करने की विधि बताई कथा पण्डाल में आस्था का सैलाब उमड़ता रहा। पक्के तालाब के पार्क में बने कथा पण्डाल में सात दिवसीय श्रीमद् शिव महापुराण कथा के दौरान आचार्य प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने रुदाक्ष का विस्तार से वर्णन किया और माता पार्वती की कथा सुनाई आयोजन कर्ताओ ने समस्त क्षेत्रीय लोगों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर कथा श्रवण करें और अपने जीवन को सफल बनाएं। श्री भोले नाथ की असीम अनुकम्पा से श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। अतः सभी भक्तगणों से निवेदन है कि आप परिवार सहित पधार कर शिव की कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित करें।

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