*किसान सम्मान धनराशि का डीबीटी के माध्यम से खातों में किया गया हस्तांतरण*

*कृषकों की फसल उत्पादन एवं उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सरकार है दृढ़ संकल्पित*

*कृषकों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए सरकार हर स्तर पर कर रही है प्रयास*

*अन्नदाता की प्रगति सुनिश्चित होने पर राष्ट्र स्वयं प्रगति के पथ पर होगा अग्रसर*

*औरैया।* आज सोमवार 24 फरवरी को मा0 प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 19वीं किस्त कृषकों के खाते में जारी किए जाने के संबंध में आयोजित किसान सम्मान समारोह कार्यक्रम का कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में एलईडी के माध्यम से जनपद के दूर दराज से बड़ी संख्या में आये कृषकों द्वारा देखा व सुना गया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भुवन प्रकाश गुप्ता ने कहा कि सरकार कृषकों की आमदनी बढ़ाने के लिए गंभीरता से सोचते हुए प्रयास कर रही है उसी के दृष्टिगत माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा जनपद के 208134 कृषकों के खाते में 41.62 करोड़ की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री को इस बात की चिंता रहती है कि समय-समय पर कृषि में खर्च करने के लिए धनराशि की आवश्यकता रहती है जिसके लिए किसान को कोने-कोने में अपनी फसल बेचनी पड़ती है जिससे उसे फसल का सही मूल्य नहीं मिल पाता है इसी को दृष्टिगत रखते हुए छोटे-मोटे खर्चे के लिए यह जारी की जाने वाली धनराशि बहुत ही लाभकारी होती है। उन्होंने कहा कि जब किसान संपन्न होगा तो देश भी आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की मंसानुरूप कृषकों के फसल उत्पादन अच्छा दिलाने व उसका सही मूल्य समय पर दिलाने के लिए जनपद स्तर पर भिन्न-भिन्न फसलों के क्रय केंद्र स्थापित किए जाते हैं तथा कृषकों की खाद, बीज, पानी जैसी समस्या को दृष्टिगत रखते हुए उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है तथा वर्तमान में फसल सिंचाई हेतु ट्यूबवेल हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है साथ ही नहरों/ रजवाहों को भी पूरी क्षमता से संचालित कियें जा रहें हैं जिससे आवश्यकता अनुसार सिंचाई हेतु पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन को क्रय किए जाने की व्यवस्था समय पर कर ली जाएगी। सरकार किसानों को उनकी फसल उत्पादन के बाजिव मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आलू भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर मालिकों से वार्ता की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आलू भंडारण के कार्य में कृषकों का किसी भी प्रकार से शोषण न हो और वह अपनी उपज का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा सहित संबंधित अधिकारी व बड़ी संख्या कृषक आदि उपस्थित रहें।

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