*जिला अधिकारी ने 50 शैय्या एवं 100 शैय्या चिकित्सालयों की जांच के लिए किया निर्देशित*

*औरैया।* आज सोमवार 30 दिसम्बर को जिलाधिकारी डॉ० इन्द्रमणि त्रिपाठी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में विस्तार पूर्वक समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी संबंधित अपनी-अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए ईमानदारी के साथ हर जरूरतमंद को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायें जिससे कोई भी जरूरतमंद असहज महसूस न करें और वह स्वास्थ्य लाभ लेकर स्वस्थ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को आमजन में पृथ्वी का भगवान माना जाता है इसलिए आप सभी की जिम्मेदारी और अधिक होती है कि कोई भी अस्वस्थ व्यक्ति परेशान न हो और वह समय पर अपना इलाज लेकर स्वस्थ रहे इसके लिए आपका अपना कर्तव्य तो पूरा होगा ही साथ ही दुआएं भी मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कार्यों की समीक्षा करते हुए पूर्व पटल सहायक सन्त शरण खरे के संबंध में जारी ऑडियो/वीडियो की चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने मेकेनिकल क्लीनिंग एवं लॉन्ड्री पर हुए व्यय की जांच करने हेतु भी मुख्य विकास अधिकारी को कहा। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल में तैनात डॉ० प्रेमा यादव द्वारा अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी पूर्ण रवैया न अपनाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि आगामी माह में उनके द्वारा प्रसव के पांच ऑपरेशन न किए जाने पर वेतन बाधित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आशाओं द्वारा कराए जाने वाले प्रसवों की सतत समीक्षा की जाए जिससे पीएचसी/सीएचसी पर होने वाले प्रसवों की प्रगति की सही जानकारी मिल सके। उन्होंने आशाओं के मानदेय का सभी संबंधितों को सत प्रतिशत भुगतान करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बनारसीदास व नारायणपुर पीएचसी प्रभारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट आगामी बैठक में सम्मुख रखे जाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ० मंजू सचान को शीघ्र ब्लड बैंक का शुभारंभ किये जाने हेतु कहा जिस पर उनके द्वारा आस्वस्त किया गया कि 02 जनवरी 2025 से ब्लड बैंक का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अशोक कुमार को कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य लाभ हेतु पोषण पुनर्वास केंद्र एन आर सी में 10 अतिरिक्त बेड 26 जनवरी 2025 से संचालित करने को कहा जिस पर डॉक्टर कुमार ने आस्वस्त किया कि यह कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बैठक में गत बैठक की अनुपालन आख्या के साथ-साथ चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता, पी पी परियोजना, 102 व 108 एंबुलेंस सेवा, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आर बी एस के कार्यक्रम, एन सी डी कार्यक्रम, राष्ट्रीय टीवी उन्मूलन कार्यक्रम, डैशबोर्ड रैकिंग सहित वित्तीय समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम को और सफल बनाने के लिए बच्चों का सत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन किया जाए जिससे टीकाकरण के समय कोई छूटे नहीं और फीडिंग भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सभी एम ओ आई सी अपने-अपने तैनाती सी एच सी/पीएचसी की देखरेख रखते हुए साफ सफाई सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखें जिससे जरूरतमंद को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राम सुमेर गौतम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० सुरेन्द्र कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० शिशिर पुरी, डीपीएम व एमओआईसी सहित सभी संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहें।