*कंचौसी,औरैया।* दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित कंचौसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक और दो पर अगर ट्रेन रुकती है। उस समय आपको अगर प्यास लगे तो आपको शुद्ध पीने का पानी नसीब नहीं होगा। हैंडपंप ठीक हालत में नहीं है,जो स्थाई टंकी बनी है जिससे रेलवे स्टेशन पर लगे वाटर टैब टोटी गायब हो गई है।यात्रियों को पीने के पानी के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता है। .प्लेटफार्म संख्या एक पर रेलवे द्वारा दो हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन उसमें भी एक हैंडपंप काफी मशक्कत करने के बाद पीने के लिए पानी निकलता है। इसमें से एक हैंडपंप बहुत दिनों से ही खराब पड़ा है। ऐसे में आप बखूबी समझ सकते हैं कि पेयजल के लिए यात्रियों को कितने पापड़ बेलने पड़ते होगें। विगत 3 माह पहले यात्रियों के बार-बार कहने पर रेलवे ने दोनो हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई थी। एक माह बाद फिर से एक खराब हो गया था। जब लोगों को प्यास लगती है, तो पानी के लिए यात्रियों को पानी के लिए प्लेटफार्म नंबर दो की तरफ जाना पड़ता है। संयोगवश अगर वहीं एक नंबर प्लेटफार्म पर जब गाड़ी रुकती है या कोई एक्सप्रेस गाड़ी का क्रासिग होता है। तो यात्री रेलवे लाइन पार कर पानी के लिए दौड़ लगाते हैं। जिसके कारण खतरे की आशंका हमेशा बनी रहती हैं। रेलवे कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारी इसी हैंडपंप से पानी भरते थे। बहुत दिनों से हैंडपंप खराब होने के कारण शुद्ध पानी लेने प्लेटफार्म नंबर दो पर रेलवे लाइन क्रॉस करके जाना पड़ता है। जबकि कंचौसी रेलवे स्टेशन पर चार जोड़ी मेमू पैसेंजर ट्रेनों सहित दो एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव है।