*सड़क दुर्घटना में प्रत्यक्ष रूप से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के साथ-साथ पूरा परिवार होता है पीड़ित*

*दुर्घटना देखकर घबराए नहीं समझदारी का परिचय देते हुए पीड़ित को हर संभव सहयोग के लिए करें कार्य*
*किसी भी आकस्मिक सेवा के लिए दूरभाष नंबर- 108, 102, तथा 112 का प्रयोग कर करें सहयोग*
*औरैया।* आज शुक्रवार 30 नवंबर को जिलाधिकारी डॉ० इन्द्रमणि त्रिपाठी ने जे पी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित यातायात माह नवंबर 2024 के समापन समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि हम सभी का यह कर्तव्य है कि जो नियम बनाए जाते हैं उनका स्वयं अनुपालन करते हुए उसके संबंध में दूसरों को भी अवगत कराये तभी उसकी उपयोगिता सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि जो नियम बनाए जाते हैं उनका आमजन को दृष्टिगत रखते हुए परिभाषित किया जाता है जिससे वह सभी पर लागू हो। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करने से स्वयं का जीवन तो सुरक्षित रहता ही है अन्य भी सुरक्षित रहते हैं। .जिलाधिकारी ने कहा कि नियमों की अनदेखी करने से प्रायः घटनाएं घटित होती हैं जिससे अमूल्य जीवन तो समाप्त होता ही है उसके साथ-साथ और भी कठिनाइयां होती हैं और परिवार टूट जाते हैं इसलिए हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्वयं नियमों का पालन करते हुए दूसरों को भी जागरूक करें।उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि आगामी दो दिवस में सभी लोग 10-10 लोगों को यातायात नियमों के संबंध में अवगत कराये तभी कार्यक्रम की सार्थकता सिद्ध होगी। डीएम ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए अपने जीवन में ऊपर उठने संबंधी प्रश्नों के उत्तर भी दियें।जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना स्थल पर उपस्थित होने की स्थिति में एक अच्छे (नेक) नागरिक होने का परिचय देते हुए दुर्घटनाग्रस्त की सहायता करते हुए उसे उपचार दिलाने की व्यवस्था कराये जिससे उसकी जान बचने पर पुण्य तो मिलेगा साथ ही सरकार द्वारा पुरुस्कार भी दिया जाता है। इस अवसर पर छात्र- छात्राओं व अध्यापक अध्यापिकाओं सहित उपस्थित जनों को सड़क सुरक्षा शपथ भी दिलाई।
पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर ने कहा कि दुर्घटना में एक व्यक्ति ही नहीं पूरा परिवार बिखर जाता है इसलिए हम सभी का दायित्व है कि किसी भी स्थिति में यातायात नियमों का उल्लंघन न करें और अपने परिवार के साथ-साथ दूसरों को भी इसके संबंध में अवगत कराये। उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन चलाते समय स्वयं व पीछे बैठे व्यक्ति को बीआईएस मानक वाले हेलमेट अवश्य पहनेंगे व पहनाएंगे। चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट लगाएंगे। लेन ड्राइविंग के नियमों का पालन करेंगे। तेज रफ्तार से वाहन नहीं चलाएंगे। गलत दिशा में वाहन नहीं चलाएंगे। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करेंगे। शराब पीकर या नशे की हालत में वाहन नहीं चलाएंगे। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। घर पर बच्चें इंतजार कर रहे हैं, अतः मैं सदैव सुरक्षित व सावधानी से वाहन चलाऊंगा। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा, क्षेत्राधिकारी यातायात अशोक कुमार, प्रभारी उप निरीक्षक यातायात देवेन्द्र कुमार, प्रधानाचार्य सहित संबंधित अध्यापक/अध्यापिकाएं एवं छात्र- छात्राएं आदि उपस्थित रहें।