*किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष का कारावास*
*- 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया*
*औरैया।* थाना सहायल क्षेत्र से सात वर्ष पूर्व एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के दोषी दीपक उर्फ संदीप को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह ने सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
अभियोजन की ओर से उक्त मामले की पैरवी कर रहे डीजीसी व विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) ने बताया कि वादी ने थाना सहायल में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 15 वर्षीया पुत्री 15 नवंबर 2017 को घर से गायब हो गई। चारों तरफ रिश्तेदारी में ढ़ूंढने के बाद वह नहीं मिली। तब उसके द्वारा प्रयोग में आने वाले मोबाइल नंबर से खोजबीन की गई तो इस बात का खुलासा हुआ कि गांव अलहबादपुर निवादा थाना सौरिख दीपक उर्फ संदीप उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया। उसके विरूद्ध अपहरण, पॉक्सो व दुष्कर्म का मुकदमा पंजीकृत हुआ। पुलिस ने घटना के एक माह बाद खुलासा कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह की कोर्ट में चला। शनिवार को इस मामले में निर्णय सुनाया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) ने किशोरी के साथ गंभीर अपराध करने के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। अभियोजन व बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह दोषी दीपक उर्फ संदीप निवासी अलहबादपुर सौरिख कन्नौज को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। उस पर 50 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने वसूले गए अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया। सजा पाए अभियुक्त को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।